सस्ते स्मार्टफोन न खरीदने के 5 वजह हिंदी में 

सस्ते स्मार्टफोन न खरीदने के 5 वजह हिंदी में

सस्ते स्मार्टफोन न खरीदने के 5 वजह हिंदी में एक जमाना था की एक व्यक्ति कों दुसरे व्यक्ति कों अपना संदेसा पंहुचा ना हो तो उसको पोस्ट करनी पड़ती थी | लेकिन अब जमाना बदल गया है | मोबाइल का जबसे अविष्कार हुवा है तब से संदेसा पहुचाहने  में बढ़ी आशनि हो गयी है | उसमे भी अब जो स्मार्टफ़ोन लोंच हुए है तब से दुनिया के किसी भी कोने में हम एक दुसरे से बात करसकते है और वीडियो कॉल भी कर सकते है | स्मार्टफोन से दुनिया स्मार्ट होगई है | उसमे हर तरह की आशानि होगई है | वीडियो गेम भी खेल सकते है | जीतनी आशानी फ़ोन के उपयोग करने से होती है उतना भी नुकशान भी है |

आज कल बाजार में कई तरीके के सस्ते स्मार्टफोन लॉन्च किए जा रहे हैं. सस्ते फोन को लॉन्च करने की रेस में चाइनीज ही नहीं, भारतीय कंपनियां शामिल हो गई हैं.

अभी कुछ महीने पहले ही रिंगिंग बेल्स कंपनी ने मजह 251 रुपये की कीमत में फ्रीडम 251 स्मार्टफोन बाजार में लॉन्च करने का दावा किया था जिसके चलते ये कंपनी काफी विवादों में भी आई थी.

वहीं, अब Freedom 251 के फर्जीवाड़े के बाद जयपुर की स्मार्टफोन स्टार्टअप Docos मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड ने 888 रुपये का स्मार्टफोन लॉन्च करने का दावा किया है.

आइए यहां हम आपको बताते हैं कि आखिर क्यों आपको इस तरह के सस्ते स्मार्टफोन खरीदने से बचना चाहिए.सस्ते स्मार्टफोन न खरीदने के 5 वजह हिंदी में

सस्ते स्मार्टफोन न खरीदने के 5 वजह हिंदी में 
सस्ते स्मार्टफोन न खरीदने के 5 वजह हिंदी में

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1. सस्ते स्मार्टफोन में फर्जीवाड़े की गुजांइश ज्यादा

आज पैसे कमाने के चक्कर में कई सारी कंपनी फर्जी मोबाइल लोंच करते है जो बिलकुल सही नहीं है | जिस कीमत में एक स्मार्टफोन की बैट्री या मेमीरी कार्ड खरीदना मुश्किल है उस कीमत पर मोबाइल मिलना, वाकई चौंकाने वाली बात है. इतनी कम कीमत पर बिक रहे प्रोडक्ट की क्वालिटी का तो आप अंदाजा लगा ही सकते हैं. इसलिए इस तरह के स्मार्टफोन में पैसे लगाना सिर्फ पैसे की बर्बादी है. बेहतर है कि आप लालच में न पड़ें.

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2. सस्ते कमजोर सॉफ्टवेयर

मोबाइल या टेक डिवाइस में उसका सोफ्त्वयेर एक अहम भूमिका निभाता है, अगर आपका सॉफ्टवेयर कमजोर और सस्ता हुआ तो आपके फोन का डेटा चुराना और भी आसान हो जाता है. इतना ही नहीं आपका सॉफ्टवेयर पैच अपडेट होना मुश्किल हो जाता है. साथ ही कैमरा क्वालिटी के साथ भी आपको परेशानी का सामना करना पड़ता है.

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3. पुराने और सस्ते हार्डवेयर पार्ट

सस्ते स्मार्टफोन वाली कंपनियां अपने फोन में घटिया और बेहद कम कीमत वाले हार्डवेयर का इस्तेमाल करती हैं. इतना ही नहीं इनके कई पार्ट आउटडेटेड होते हैं जो बाद में मिलना मुश्किल होता है. इसलिए बेहद सस्ते फोन के चक्कर में फंसकर फोन की क्वालिटी के साथ समझौता करना फायदा का सौदा नहीं है.

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4. कोई वारंटी नहीं

आमतौर पर जब हम किसी अच्छी कंपनी का स्मार्टफोन खरीदते है तो ये सोचकर निश्चिंत रहते हैं कि एक साल तक कोई भी खराबी होने पर कंपनी इसे फ्री में ठीक कर देगी. लेकिन इस तरह के सस्ते स्मार्टफोन की कोई वांरटी नहीं होती और इनके सर्विस सेंटर भी कम होते है.

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5. कोई अपडेट नहीं

स्मार्टफोन को बिना किसी परेशानी के चलाने के लिए जरूरी है कि समय-समय पर मोबाइल के फीचर्स अपडेट होते रहें. लेकिन इस तरह के फोन खरीदने के बाद आप भूल ही जाइए कि आपके डिवाइस किसी भी तरह का कोई अपडेशन होगा. अंजान मैन्यूफैक्चर्स और सस्ते स्मार्टफोन का सबसे बड़ा नुकसान यही है.

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